लेखन में दिल कैसे जीता जाता है ?

लेखन में दिल कैसे जीता जाता है ? यह बहुत सरल कला है । कुछ बातों का ध्यान रखिए और बात बन जाएगी । 1. पाठक वर्ग – किसके लिए लिख रहे हैं, उसे

बेचारा आदमी

बेचारा आदमी गौरीगंज, अमेठी के गांव से मुंबई में आकर आदमी काम करने लगा । शादी हो गई । बच्चे हो गए । स्थिरता के लिए उसने फ्लैट ले लिया । एक दूकान ले

संग तुम्हारा लगा प्यारा

अनुज शाही, मेरा BITSian साथी है, एक बैच, एक हॉस्टल, एक बोली, एक साथ, लगातार चार साल । आज वो नॉएडा से मुंबई आया तो साल भर बाद मुलाकात हुई । बहुत बातें हुई

लिफ्ट में क्या हुआ

बात बहुत पर्सनल है, पर दोस्तों में क्या पर्सनल, सो बताए देते हैं 😊 मैं अपने स्कूल के दोस्त Anil से मिलने बड़ोदा गया । दोस्त गोरखपुर में रहते हैं । बड़ोदा आए थे

माँ से मिलन

माँ से मिलन … पता था कि बेटा आज आएगा । पता तो 10 दिन पहले से था पर आज माँ का मन नहीं लग रहा था । सुबह से छत पर खड़ी राह

मुलाकात

बात 1993 की है । मैं सेंट ज़ेवियर टेक्निकल इंस्टिट्यूट माहिम में प्रोफेसर था । शादी के बाद सुल्तानपुर से मुंबई आए पत्नी रेणु को दो चार माह हुए थे । रेणु ने बताया

जीवन कैसे सफल होगा

जीवन कैसे सफल होगा सेवा – प्रभु की सेवा, बड़ों की सेवा, इंसान की सेवा, प्रकृति की सेवा प्रेम – माता पिता से प्रेम, घर परिवार से प्रेम, रिश्ते नातें से प्रेम, समाज से

केवल पिताजी ही पूछते थे

केवल पिताजी ही पूछते थे – काम कैसा चल रहा है बेटा । 6 माह हो गए, सब अपनी सुनाते रहे, बिन हमारी सुने बस अपनी ही सुनाते रहे, और हम सुनते रहे ।

फलों से स्वागत करें

गोवा के राज्यपाल मृदुला सिन्हा जी ने एक लेख लिखा है जो पुरे  देश के हित में हैं अगर यह परंपरा पुरे देश में कायम हुआ तो देश तरकी की और अग्रसर होगी मृदुला

वकील कैसे बनें

वकील (lawyer) बारहवीं की परीक्षा पास करने के बाद छात्रों के सामने लॉ भी करियर बनाने का एक बेहतर विकल्प होता है कानूनी पेशा (लॉ )युवा वर्ग के बीच बीते कुछ सालो में बहुत
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