खुश कैसे रहें

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सुना है उसके पास करोड़ों रूपए का घर हैं, फिर भी वह खुश नहीं है । घर है पर घरवाले घर में नहीं है । सब दूर अपने अपने घरों में हैं । और वह अकेला है । अकेले में कौन सी ख़ुशी ! खुशी तो मेले में मिलती है, ऐसे मेले में जिसमे दिल मिलें, दिलवाले मिलें, प्यार मिलें, प्यार वाले मिलें ।

घर छोटा ही क्यों न हो, पर उसमे मेला हो, तो खुशियां जरूर मिलेंगी । मेला लगाइए अपने घर में, रोज नहीं तो कभी कभी ।

खुश रहें !

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