Learn to say YES and learn to say NO

Learn to say YES and learn to say NO:

  1. Say “yes” as much as you can.
  2. In order to say “yes” often, attach boundaries or a scope of work around your “yes.”
  3. Don’t say “yes” to any and everything. If it does not fit in your boundaries then don’t say “yes”
  4. Say “no” whenever needed.
  5. Learn how to respectfully, but firmly, say “no.”

Yes-No

‘हाँ’ बोलना सीखिए और ‘ना’ भी बोलना सीखिए

  1. आप को काम करना है. जीवन के लिए और विकास के लिए काम चाहिए. इसलिए कोई काम कहा जाए तो ‘हाँ’ बोलिए.
  2. ‘हाँ’ बोलते समय अपनी और काम की सीमाओं का ध्यान रखें. जो आप के लिए संभव हो या जिसके लिए आप प्रयास कर सके उसके लिए ‘हाँ’ बोलें, सीमाओं में रहकर.
  3. हर बात के लिए ‘हाँ’ मत करिए. पहले मैं डरता था कि ‘ना’ कहूँगा तो काम छूट जागेगा, ग्राहक छूट जाएगा, बिजनेस छूट जाएगा या नौकरी छूट जाएगी. धीमे धीमे ज्ञान हुआ कि ऐसा नहीं है. हर बात के लिए ‘हाँ’ बोलना परेशानियों को दावत देना हो सकता है. उसने मुझसे हीरों का हार लाने को कहा और  मैंने ‘हाँ’ कर दी. नकली हीरों कि कीमत भी अपनी हद से बाहर थी. काश उसी समय किसी तरह पुचकार के, दुलार के, प्यार से समझा के ‘ना’ बोल देता तो २० सालों से जो सुन रहा हूँ वह न सुनना पड़ता. खैर, ये तो मजाक था. पर आप समझिए. कई बार, घर परिवार में, ऑफिस में या दोस्तों में सम्मानित तरीके से स्पष्ट ‘ना’ बोलना ही उचित होता है.
  4. जरुरत पड़े तो ‘ना’ बोलिए. इस तरह बोलिए कि सामने वाले को बुरा न लगे, बात बिगड़े नहीं और ‘ना’ भी हो जाए. बिज़नेस में लालच में मत आइए. यहाँ भी जरुरत पड़ने पर ‘ना’ बोलना सीखिए. मैं ‘ना’ बोलने में बहुत कमजोर था. जब से थोड़ा बहुत सीखा हूँ, फायदा हुआ है, खासकर बिज़नेस में फायदा हुआ है.
  5. सम्मानित तरीके से, नम्रता से,  स्पष्ट ‘ना’ बोलना सीखिए.

 

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