मेरी बेटी सफल कैसे हो – स्कूल

सब माँ बाप चाहते हैं कि उनकी बेटी सफल हो. इस बात को लेकर माँ बाप बहुत टेंशन में आ जाते हैं. उन्हें बुरे बुरे सपने तक आने लगते हैं. कुछ तो बीमार तक पड़ जाते हैं. खासकर तब जब उनके बच्चे का 10th या 12th हो. उनके टेंशन प्रश्नात्मक होते हैं, जैसे कि – मेरी बेटी पास होगी कि नहीं ? अगर पास न हुई तो क्या होगा ? पास हो गई तो अच्छा है पर अगर अच्छे marks या grade न आए तो क्या होगा ? आगे किस स्कूल या कॉलेज मे admission हो गा ? इन प्रश्नों का जबाब भगवान के पास भी नहीं होता.

टेंशन न लें. आजकल के बच्चे होशियार हैं. परीक्षा में अच्छा करेंगे. परिणाम अच्छे आएंगे.

Successful and Happy

Successful and Happy

क्या करें कि मेरी बेटी सफल हो ?

  • न स्वयं तनाव लें, न बच्चे को तनाव दें
  • बच्चे पे ध्यान रखें, उसे पढ़ने को कहें, प्रेरित करें, पर तनाव न दें
  • बात बात में टोका टाकी न करें
  • समय समय पर आराम करने कि सलाह दें
  • दूसरे बच्चों के साथ खेलने दें, गाने सुनने दें, अपनी मनपसंद के काम करने दें
  • केवल marks सफलता का मापदंड नहीं है, इसलिए इस बात को लेकर अति परेशान न हों और बच्चे को भी अति परेशान न करें
  • अपने बच्चे पर विश्वास रखें, results अच्छे आएंगे

अगर results अनुकूल नहीं आए तो ?

  • आशा रखें, अपने बच्चे पर भरोसा रखें, ईश्वर पर भरोसा रखें, results अनुकूल आएंगे
  • सभी प्रयासों के बाद भी अगर results थोड़ा ऊपर नीचे हो गए तो तनाव न लें, रास्ते सोचें, विकल्प सोचें, समाधान निकलेंगे
  • अगर आपकी बेटी के 90% जगह 50% आएं हैं तो भी घबराइए नहीं, अच्छे विकल्प हैं, रास्ते  हैं.

अगर मेरी बेटी डॉक्टर नहीं बन पाई तो ?

  • बेटी पर छोड़ दीजिए कि वह डॉक्टर बनना चाहती है या इंजीनियर या बैंक मैनेजर या business woman या आर्टिस्ट या news reader या CA या टीचर या उद्योगपति या समाजसेवी या कलाकार या लेखिका या गायक या डिज़ाइनर या कुछ और बनना चाहती है.
  • बेटियों के लिए बेटों से जादा विकल्प खुले हैं. सच. आप दूसरों की देखा देखी मत चलिए. आप अपने सपने उस पर मत थोपिए. आप उसे वो बनाने का प्रयास कीजिए, जो वो बनना चाहती है. उसके सामने सारे विकल्प रखिए, फिर उससे पूछिए, बात कीजिए, चर्चा कीजिए, चर्चा में घर के अन्य लोगों को भी शामिल कर सकते हैं, उसके टीचर को भी, एक्सपर्ट को भी.

HELP ?

  • जी हाँ, हर किसी को हेल्प के जरुरत पड़ सकती है. हेल्प मांगने और लेने में कुछ गलत नहीं है.
  • घर में बड़ों से हेल्प लें, रिश्तेदारों से हेल्प लें, मित्रों से हेल्प लें
  • अपने स्कूल टीचर से हेल्प लें
  • जरुरत पड़े तो tuition या कोचिंग लें

प्रोत्साहन – Motivation :

  • प्रोत्साहन या motivation बहुत जरुरी है
  • हर किसी को चाहिए
  • सकारात्मक होइए. आशावादी होइए.
  • बच्चे को प्रोत्साहित कीजिए

क्या करें ?

  • ऐसा भी वक़्त आ सकता है कि आप सोचें कि अब क्या क्या करें. ऐसे वक़्त में expert से सलाह लें. समाधान निकलेगा.
  • बात 2003 की है.  एक बार एक बच्चे ने अपनी माँ से कहा कि वह बोर्ड exam नहीं लिखेंगा. माँ चिंतित हो गई. यह दूसरी बार था. पिछले वर्ष भी ऐसा ही किया था. माँ ने बहुत समझाया था. घर वालों ने समझाया था. पर सब विफल रहे. अब इस बार फिर से वही बात. माँ ने मेरे को फोन किया. मैं उन्हें बुलाया. बच्चे को एक कमरे में ले गया. उसे 5 मिनट तक कुछ कुछ बताया. हम कमरे से बाहर आ गए. बच्चे ने बताया कि सब ठीक है वह exam लिखेगा. और लिखा. result आया. 62 %  से पास हुआ.  माँ खुश. मिलने आई. मिठाई का डिब्बा लेकर. मैंने मुस्करा कर उनका उपहार स्वीकार किया. सब खुश.

आप का बच्चा सफल होगा. आशीर्वाद.


नोट : जब तक आप अपनी बात कहेंगे नहीं तब तक हम जानेगे नहीं, और चाह कर भी आप कि सहायता नहीं कर पाएंगे. इसलिए अपनी बात कहिए. sms कीजिए, whatsaap कीजिए, ईमेल कीजिए. सहायता मिलेगी और हम सहायता नहीं भी कर पाए तो भी उत्तर जरुर देंगे. हम बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.  

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share