प्रार्थना असर करती है

बात आत्मसंतोष से चालू होती है. प्रार्थना करने से आत्मसंतोष मिलता है, आत्म संतुष्टि मिलती है. प्रार्थना में अपार चमत्कार-शक्ति है. प्रार्थना आत्मा की शक्तियों को जगाने का एक माध्यम है. मंत्र योग, उपयोग, लययोग इत्यादि की तरह ही प्रार्थना भी एक योग है जिसका उद्देश्य है अपने को ईश्वरीय शक्ति के साथ जोड़ना. कभी कभी प्रार्थनाओं का असर देर से होता है, पर होता जरुर है.

प्रार्थना की विधि : कोई विशेष तरीका या विधि कि जरुरत नहीं है. अपनी request ईश्वर के सामने रखिए. आप अपनी बात ईश्वर से कहिए. सरल तरीके से कहिए. भाषा कोई भी हो, कोई फरक नहीं पड़ता, सरलता जरुरी है. आप की बात में भाव जरुरी है, सच्चाई जरुरी है, सकाराक्मकता जरुरी है, आशा जरुरी है, मिठास जरुरी है, प्रेमजरुरी है.

लाभ : मन हल्का होगा. दिल हल्का होगा. सकराक्मकता मिलेगी. उर्जा मिलेगी. हिम्मत मिलेगी. आत्मविश्वास मिलेगा. प्रेम मिलेगा. तनाव कम होगा. ये लाभ त्वरित होंगे. तत्काल होंगे. इसके अलावा आपके इच्छित काम बनेगे. इसमें समय लग सकता है.
prayers helps us

नित्य भाव से प्रार्थना करने से मानसिक श्रम तथा सुख-दुख, असफलता, निराशा और द्वंद्व इत्यादि से उत्पन्न आघातों के प्रभाव दूर होते हैं और स्नायुओं में फिर से शक्ति भर जाती है। प्रार्थना करने के बाद फलाफल की इच्छा त्याग देनी चाहिए। फलित हो तो भी ठीक, न हो तो भी ठीक।

यह स्थिति भी उतनी ही ठीक है जितनी फलित होने पर ठीक होती। यही भाव लेकर प्रार्थना होनी चाहिए। यदि मनोनुकूल फल न भी हो तो समझना चाहिए कि इसमें भी कुछ रहस्य है और तुम्हारे कुछ कल्याण के लिए देव ने ऐसा नहीं होने दिया और अनुभवों से ऐसा ही पता चलता है। बाद की घटनाएं और जीवन का मोड़ यही सिद्ध करता है।

प्रार्थना असर करती है.

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