मुझे फिर से बच्चा बना दो, प्लीज !

आज 4 जून 2015 को मुझे घर छोड़े 8 साल हो गये । इन 8 सालों में बहुत कुछ पाया, बहुत कुछ खोया । तब मैं कहीं ज्यादा हँसमुख और अधिक वाचाल हुआ करता था । इन 8 सालों ने मेरे अंदर से बचपना भगा दिया और एक संजीदा युवक में तबदील कर दिया । बीतते समय और बढ़ते अनुभव के बीच मेरे अंदर का बच्चा कहीं छिप गया है पर वो पुकारता है अक्सर । वो पुकारता है उन्मुक्त होकर जीने के लिये, संजीदा होने के बजाय हँसमुख होने के लिये, घूमने के लिये और तनाव से दूर होकर जीने के लिये.

 

Avaneesh

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share