प्रेम पत्र

प्रिये

याद आ गई तुम्हारी । कैसी हो ? मुझे पता है, अपने घर में अपने पापा के साथ, अपने भैया भाभी के साथ खुश ही होगी ।

सुबह चाय से बिस्कुट खा कर ऑफिस चला गया था । दोपहर में वड़ापाव खा लिया । अभी ब्रेड और दूध खा रहा हूँ । कल रात चावल दूध खा लिया था । तुमने बहुत कोशिश की कि मैं खाना बनाना सीख जाऊं, पर मैंने भी पूरी कोशिश की मैं न सीखूं और तुम्हारे हाथ का बनाया ही खाता रहूं 😊 सीख लेता तो दूध ब्रेड खा कर न सोना पड़ता 😊😊

खैर छोड़ो वो सब, ये बताओ कि सोनू कैसा है । परेशान तो नहीं करता । तुम्हारी भाभी कह रही थी कि रोज शाम को अपनी माँ से झगड़ा करता है, अपने पापा के पास जाने के लिए ।

उससे कह दो कि पापा 2 जून को आएंगे, उसे और उसकी मम्मी को मुंबई वापस ले जाने के लिए ।

उसे भी प्यार और तुम्हे भी ।

अरुण
15 मई 1998

* अपनी यह चिट्ठी अपनी भाभी लोगों से दूर रखना, वो पढ़ लेती हैं, और बाद में चिढ़ाती हैं, हंसती हैं 😊😊

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