मूछों वाले मामा जी

मेरे मूछों वाले मामा जी

तब मैं छोटा था । दूसरी तीसरी में पढ़ता था । समझने लगा था । तब की यादें आज भी जिंदा हैं ।

तब आप की उम्र 20 के आस पास थी । मैं सात आठ साल का था । काका अम्मा ( नाना नानी ) के बाद आप के साथ ही मैं खेलता था । आप के साथ खेत जाता था, बरसीन काटने । बरसीन तो आप काटते थे, मैं तो वहां खेलता था ।

मेरे बाबूजी (आप के जीजा जी) जब गांव आते थे तो आप उनकी सेवा करते थे ।

तब की दृश्य, मैं अपनी आँखों से देख रहा हूँ, अभी देख रहा हूँ, आप बाबूजी को कुएं पर बाल्टी भर भर कर नहला रहे हैं । अब आप उनको तौलिया दे रहे हैं । तौलिया दे नही रहे हैं, तौलिए से उनके गीले शरीर को पोंछ रहे हैं । बाबूजी अपने गीले कपड़े धोने लगे तो आपने उनसे कपड़े ले लिए और स्वयं धोने लगे । अब आप उनको तेल शीशा कंघी लाकर दे रहे हैं …

यह आदर, यह मान, यह सम्मान … मैंने अंत तक देखा । और इसी कारण मैं आपको प्यार करता हूँ । प्यार करता रहूंगा ।।

प्रणाम 💐💐

अरुण

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