वे आपस में एक दूसरे के पूरक थे

Complementary Relationship

पहले को खाने के लिए कमाना आता था, दूसरे को खाना बनाना आता था. पहले में कुछ गुण थे, दूसरे में दूसरे कुछ गुण थे, वे गुण आपस में एक दूसरे के पूरक थे, complementary थे, उन गुणों को मिलाकर जिंदगी बनती थी. उनकी अच्छी जोड़ी बनी और अच्छे से ताउम्र चली.

एक और उदाहरण देखिए. पहला त्वरित तत्काल फैसले व एक्शन लेता था और दूसरा प्लान करके काम करता था. जिंदगी में दोनों की जरूरत होती है. दोनों एक दूसरे के पूरक हैं.

एक और उदाहरण देखिए. एक को कला में रुचि थी, घर संसार सजाना आता था, दूसरे को तकनीक में रुचि थी, घर के इलेक्ट्रॉनिक्स, कंप्यूटर, मोबाइल व अन्य टेक्निकल गैजेट मेंटेन कर के रखता था. आज के जीवन में दोनों की उपयोगिता है. जीवन को पूर्ण बनाते हैं.

रिश्तों में आजकल लोग compatibility देखते हैं.सोचते हैं कि कॉमर्स ग्रेजुएट लड़का अगर कॉमर्स ग्रेजुएट लड़की से शादी करेगा तो दोनों मिलकर जादा कमाएंगे. इसी तरह एक इंजीनियर दूसरा इंजीनियर ढूंढ़ता है. डॉक्टर्स में तो यह चलन बहुत पहले से है.

Compatibility देखिए या न देखिए, पर पूरक वाला गुण पहले देखिए, जरूर देखिए, जिससे जिंदगी सुंदर तरीके से अच्छे से गुजरे.

 


Symmetrical Relationship

इस तरह के रिश्तों में दोनों लोग एक जैसा सोचते हैं. दोनों की पसंद नापसंद एक जैसी होती है. इस तरह का भी रिश्ता अच्छा होता है. प्रेम बहुत होता है. हाँ, पूरक वाली बातों की कमी दिख सकती है.

Parallel Relationship

ऐसा कहा जाता है कि इस तरह के रिश्ते सबसे अच्छे होते हैं. These are healthy, successful and happy.

पर यह हमेशा सच नहीं होता. कभी कभी सफल नही भी होते. इस तरह के रिश्ते में दोनों एक तरह एक दिशा में चलते रहते हैं, जैसे रेल की parallel पटरियां. रेल की पटरियों जैसी जिंदगी में मिलना जुलना, interactions, संवाद, आदि कम होता है, दूरियां बढ़ जाती है और कई बार जीवन नीरस हो जाता है.

एक ही तरह की शिक्षा, एक ही तरह का जॉब, एक ही तरह की पोजीशन वाले couple अक्सर इस कैटेगरी में आते हैं.


अरुण

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