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हर साड़ी की एक कहानी होती है

हर साड़ी की एक कहानी होती है । पत्नी जी आज साड़ियां देख रही हैं । पत्नियां 500-1000 साड़ियों में रख देती हैं, और भूल जाती हैं । भूल जाना उनकी जमा योजना का

बहुत प्यारी हो तुम मीनू

किससे करें शिकायत हम दोनों एक दूसरे की 😊   मम्मी पापा से कर नहीं सकते, वो दुखी हो जाएंगे, खामखां । बात कोई गंभीर तो है नहीं, ये तो बस यूँ ही बात-बे-बात

प्रेम पत्र

प्रिये याद आ गई तुम्हारी । कैसी हो ? मुझे पता है, अपने घर में अपने पापा के साथ, अपने भैया भाभी के साथ खुश ही होगी । सुबह चाय से बिस्कुट खा कर

जीवन की बगिया महकेगी

यादें जब मैं और बेटे की माँ बेटे को 2011 में इंजीनियरिंग हॉस्टल में छोड़ कर लौट रहे थे, तो कार में fm पर ‘जीवन की बगिया महकेगी …’ व ‘तुझे सूरज कहूँ या

Forget Luck, Live by Intent

A few things may happen by chance. But if you wait for the chance, good things will happen to you only when you are in your grave because things may take their time. Even quantum

वे हमसे पहले चले गए

हम उन्हें लाने चले थे ट्रेन में ही थे 25 जून 2016 की तारीख थी सोच रहे थे कि पिताजी को अमेठी के गौरीगंज गावं से लाकर मुंबई में दवाई कराएं गे माँ ने

कुंभ की यादें

चार मई २०१६ की रात मैं, पत्नी व बेटी मुंबई से भोपाल के लिए अमृतसर एक्सप्रेस में सवार हो गए. उधर मामा मामी जी ने अमेठी से ट्रेन पकड़ी. माँ, पिताजी व मौसी जी

प्यार सभी को

जब हम छोटे थे, जब अमेठी के गांव में थे, गांव के युवा लोग होली के दिन, दोपहर बाद, एक गांव से दूसरे गांव जाते थे, होली मिलने । बड़ो के चरण स्पर्श करते

35+ स्त्रियों के लिए और सभी पुरुषों के लिए

स्त्रियां अक्सर बहुत दुःखी हो जाती हैं । दुःख में वो मर जाने की बात करती हैं । जैसे कि अब जादा दिन नहीं रहूंगी, मेरे जाने के बाद तुम कैसे रहोगे, यही चिंता

माँ, तब तू बहुत सुंदर लगती थी

मैं तब छोटा था. गर्मी की छुट्टी में मों, पिताजी मेरे को लेकर लखनऊ से रात की पैसेंजर गाड़ी से अमेठी गावं जाते थे. रात तीन बजे गाड़ी पहुँच जाती थी. सुबह सुबह भोर
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