आज 4 जून 2015 को मुझे घर छोड़े 8 साल हो गये । इन 8 सालों में बहुत कुछ पाया, बहुत कुछ खोया । तब मैं कहीं ज्यादा हँसमुख और अधिक वाचाल हुआ करता