Happiness Archive

मुझे घर चाहिए

मेरे पास मकान हैं. उसमे कमरे हैं. हवा है, बिजली है, पानी है. पर वो घर नहीं लगता. मकान में रसोई हैं, खाना है,  बिस्तर है, सब कुछ है पर वो घर नहीं लगता. उसमे घर वाली महक

महिलाओं की सेहत

विकास जब अपने संक्रमण काल में होता है तब सामाजिक समस्याएं ज्यादा गंभीर होती हैं. कुछ ऐसी परिस्थितियों से फिलहाल भारतीय समाज भी गुजर रहा है. आंकड़े बताते हैं कि समाज के हर क्षेत्र

पति को प्यार करें

शादी होने के कुछ सालों तक सब अच्छा चलता है. एक दूसरे को समझते हैं. प्यार करते हैं. पर धीमे धीमे यह प्यार कम होता जाता है और रोजमर्रा की घरेलू परेशानियाँ हावी होने

खुशियों का त्यौहार : बैसाखी

क्या है बैसाखी का त्यौहार  वसंत के आगमन की खुशी में हर साल बैसाखी का त्यौहार मनाया जाता है. बैसाखी उल्लास और खुशियों का त्यौहार है.  बैसाखी पंजाब व उत्तर भारत में बड़े धूमधाम

आई मिस यू, दादाजी

जिन लोगों ने कभी ब्याज(सूद) पर कर्ज लिया या दिया होगा उन्हें यह भली प्रकार पता होगा कि लेनदार को मूलधन से कहीं ज्यादा ज्यादा फ़िक्र ब्याज की होती है। आप उसका मूलधन भले

उसे छू लो

जो खुशी छूने में होती है, वो कहीं और नहीं. पत्तो को छुओ. फूल को छुओ. बहुत अच्छा लगता है. बच्चे को छू कर देखो. बहुत प्यार मिलता है. बचपन में रहस्य पता न

अप्रैल फूल

अप्रैल फ़ूल दिवस (April Fools Day) अर्थात् ‘मूर्ख दिवस’ को 1 अप्रैल के दिन विश्वभर में मौज-मस्ती और हंसी-मजाक के साथ एक-दूसरे को मूर्ख बनाते हुए मनाया जाता है। इस दिन लोग अपने मित्रों,

खुश रहने के तरीके

आप खुश रहना चाहते हैं। मैं भी खुश रहना चाहता हूँ। हम सब खुश रहना चाहते हैं पर ये नहीं समझ पाते कि आखिर वो खुशियाँ कहाँ हैं जिन्हें हम ढूँढ रहे हैं। कैसे

खुशियाँ बाँटें

शरद ऋतु की एक शाम। किशोरवय मंजरी अपने द्वार पर टहल रही थी। शाम की सुहानी हवा का आनंद लेते हुये उसे एक ख्याल आया। क्यों न वो अपने द्वार पर फूलों के पौधे

पलायन

रजनी का फोन आया । अरुण, तुम भी यहीं आ जाओ । वही रजनी जो मेरे साथ 1988 में काम करती थी । जिसकी बातचीत अतुल से जादा होती थी । वही लंबे सीधे
Share