Relationship Archive

बेचारा आदमी

बेचारा आदमी गौरीगंज, अमेठी के गांव से मुंबई में आकर आदमी काम करने लगा । शादी हो गई । बच्चे हो गए । स्थिरता के लिए उसने फ्लैट ले लिया । एक दूकान ले

संग तुम्हारा लगा प्यारा

अनुज शाही, मेरा BITSian साथी है, एक बैच, एक हॉस्टल, एक बोली, एक साथ, लगातार चार साल । आज वो नॉएडा से मुंबई आया तो साल भर बाद मुलाकात हुई । बहुत बातें हुई

लिफ्ट में क्या हुआ

बात बहुत पर्सनल है, पर दोस्तों में क्या पर्सनल, सो बताए देते हैं 😊 मैं अपने स्कूल के दोस्त Anil से मिलने बड़ोदा गया । दोस्त गोरखपुर में रहते हैं । बड़ोदा आए थे

मुलाकात

बात 1993 की है । मैं सेंट ज़ेवियर टेक्निकल इंस्टिट्यूट माहिम में प्रोफेसर था । शादी के बाद सुल्तानपुर से मुंबई आए पत्नी रेणु को दो चार माह हुए थे । रेणु ने बताया

पति को कैसे सुधारें

प्रश्न बहुत कठिन है. कौन किसे सुधारे, यही तय करना कठिन होगा. फिर भी अगर लगे कि पति को सुधारना है तो नीचे लिखे टिप्स आजमाए जा सकते हैं.   १. अगर पति दूसरी

ये मेरे हो गए

2016 के दिसंबर माह में कोलकाता से अपनी पत्नी के साथ लौटते वक्त ट्रेन में एक प्यारे से जोड़े की खूबसूरत जोड़ीदार से मैंने यूं ही पूछ लिया – ‘आप को इतना सीधा सादा

प्यार तुम्हे अवनीश

बात 2012 की है. एक लड़का था, अवनीश सिंह. कंप्यूटर इंजीनियरिंग का स्टूडेंट था. शारदा यूनिवर्सिटी में. फेसबुक पर कुछ कुछ लिखता था. लिखता अच्छा था. एक दिन मैंने देखा कि वो उलझन में

हर साड़ी की एक कहानी होती है

हर साड़ी की एक कहानी होती है । पत्नी जी आज साड़ियां देख रही हैं । पत्नियां 500-1000 साड़ियों में रख देती हैं, और भूल जाती हैं । भूल जाना उनकी जमा योजना का

बहुत प्यारी हो तुम मीनू

किससे करें शिकायत हम दोनों एक दूसरे की 😊   मम्मी पापा से कर नहीं सकते, वो दुखी हो जाएंगे, खामखां । बात कोई गंभीर तो है नहीं, ये तो बस यूँ ही बात-बे-बात

समाज प्रेम को स्वीकार करे

खबरें समाज, परिवार व रिश्तों पर चिंतन करने को मजबूर करतीं हैं। खबरें परिवर्तन करने को चीखती चिल्लाती है। खबरें कहतीं हैं कि अब हठ त्याग दो और समय के अनुसार कुछ तो परिवर्तन
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