Relationship Archive

समाज प्रेम को स्वीकार करे

खबरें समाज, परिवार व रिश्तों पर चिंतन करने को मजबूर करतीं हैं। खबरें परिवर्तन करने को चीखती चिल्लाती है। खबरें कहतीं हैं कि अब हठ त्याग दो और समय के अनुसार कुछ तो परिवर्तन

उसको प्यार

जब जब जिंदगी की कहानी लिखूं गा तेरा नाम जरूर लिखूंगा । मैंने और बृजेश ने स्कूल व कॉलेज साथ साथ किया । कॉलेज में भी बृजेश सबसे मिलनसार हंसमुख और बातूनी था ।

तुम प्यार हो, सच

… दूर देखो, वो जो आखिरी पेड़ दिख रहा है, उधर जाना, उसके बगल में नदी है, नदी किनारे पत्थर है, उस पत्थर पर कोई बैठा है, वो मैं हूँ, और मैं जिस को

सुखी रहने का मंत्र

वर्तमान को जिएं पहले क्या हुआ, कैसे हुआ, क्यों हुआ, क्या गलती हुई … आदि पर बहुत अधिक न सोचें. इससे निगेटिव विचार उत्पन्न होतें हैं. निगेटिव उर्जा उत्पन्न होती है. यह शारीरिक व

माते से मिलन

बात 20 अगस्त 15 की है । मैं बेटा बेटी और पत्नी दिल्ली 12 बजे पंहुचे । वहां से अगली यात्रा रात 10 बजे की थी । 10 घंटे का समय था अपने पास

तू बहन हमारी है, सबसे प्यारी है

दुनिया की मेरी सारी बहनो के लिए –   धागा तू बांध पाए या नहीं मन का धागा बंधा हुआ है तेरे प्यार दुलार में बहना एक एक मोती गुथा हुआ है तू खुश

यह भी प्यार है

दो दिन पहले की बात है । सुबह का समय था । पत्नी जी ने फरमाइश की । मीठी वाली ब्रेड खानी है, चाय के साथ । हम बोले अभी बच्चे उठे गें तो

यादें – मेरे जमशेद  की 

बात 1978 की है । जुलाई की । सातवीं सिटी मोंटेसरी लखनऊ से पास कर के bvm नैनीताल में आठवीं में गए थे । नई जगह थी । नई व्यवस्था थी । नया सिस्टम

पहली बार

जब मैंने उसे पहली बार बहुत धीमे से छुआ था दिल तेजी से धड़का था और कुछ कुछ हुआ था चुप रहे, किसी को ना बताया तब कैसे क्या हुआ था जमाना, जाने कैसे

दोस्त

दोस्त वह होता है जो आप के लिए ऐसा कुछ करे कि आप जिंदगी भर याद रखें । Brijesh Singh मेरा वैसा ही दोस्त है । मेरे साथ स्कूल में था । मेरे साथ कॉलेज में
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