Social Happiness Archive

Don’t Worry

दुबे जी सुबह सुबह चाय की दूकान पर बैठ जाते थे. सब को बताते थे कि दुनिया खतम होने वाली है. वैसे ही जैसे जब हम छोटे थे तो अफवाह फैली थी कि स्काई

Be Happy in Small Things

कल मैं प्लेटफॉर्म पर बैठा था, गौरैया देख कर खुश हो रहा था. बगल में बैठे सज्जन मेरी इस छोटी सी बात पर, मुझे बच्चों जैसा खुश होते देखकर, मुस्करा रहे थे, खुश हो

Atal Darshan

कल अटल जी के लखनऊ से द्विवेदी जी का फोन आया और नम दिल से उन्होंने बताया कि वर्षों पहले, कैसे उन्होंने बतौर सामान्य कार्यकर्ता, मवैया के कार्यक्रम में दरियां बिछाईं व अटल जी

हम और हमारा समाज

हम और हमारा समाज हमसे समाज बनता है । यह बाद की बात है । इससे पहले की बात जानना व मानना जादा जरूरी है कि हम समाज से बनते हैं । हम समाज

गाँव की प्यारी बातें

गाँव की प्यारी बातें मैं आँख बंद किए खटिया पर लेटा था. सुबह के 8 बजे थे. छोटे भाई की पत्नी पूजा, धीमे धीमे किसी छोटे बच्चे से बात कर रही थी – भैया

जब आप मंदिर जाएं मंदिर परिसर में कुछ देर जरूर बैठें

जब आप मंदिर जाएं तो दर्शन करने के बाद मंदिर परिसर में कुछ देर जरूर बैठें, दर्शन का ध्यान करें, प्रार्थना करें कि हे ईश्वर – अनायासेन मरणं – give me death without pain

इंसान के अंदर इंसान

बैठे बैठे सोचा कि फेसबुक फ्रेंड बहन शालिनी जी का इंटरव्यू ले लूं । उनको पढ़ता आया हूँ । मस्त, बेफिक्र, बेबाक, निडर – यही इमेज थी उनकी मेरे दिमाग में । इंटरव्यू के

संग तुम्हारा लगा प्यारा

अनुज शाही, मेरा BITSian साथी है, एक बैच, एक हॉस्टल, एक बोली, एक साथ, लगातार चार साल । आज वो नॉएडा से मुंबई आया तो साल भर बाद मुलाकात हुई । बहुत बातें हुई

लिफ्ट में क्या हुआ

बात बहुत पर्सनल है, पर दोस्तों में क्या पर्सनल, सो बताए देते हैं 😊 मैं अपने स्कूल के दोस्त Anil से मिलने बड़ोदा गया । दोस्त गोरखपुर में रहते हैं । बड़ोदा आए थे

जीवन कैसे सफल होगा

जीवन कैसे सफल होगा सेवा – प्रभु की सेवा, बड़ों की सेवा, इंसान की सेवा, प्रकृति की सेवा प्रेम – माता पिता से प्रेम, घर परिवार से प्रेम, रिश्ते नातें से प्रेम, समाज से
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