Social Happiness Archive

मुबारक ईद आयी है दुआ तो कीजिये…

यूँ तो माफीनामा हाज़िर है ले ही लीजिये, सजा कोई मुक़र्रर है तो दे ही दीजिये … खता मेरी अदा कुछ आप की भी कम न थी, ये गुस्सा छोड़ कर थोड़ा तो पानी

मेहनत की कमाई का सुख

“संजय, ये वाली जींस भी फेंक दूं क्या?” “नहीं, एक बार सूटकेस को फिर से तोलो, क्या पता अब सूटकेस का वज़न ठीक हो गया हो।” “पर मुझे लगता है कि अभी भी सूटकेस

शादी का लंहगा

मेरी पत्नी ने मुझे बताया कि उसे जयपुर जाना है। “अचानक जयपुर क्यों?” “सलोनी की शादी तय हो गई है, इसलिए।” “तो, क्या सलोनी की शादी जयपुर में है?” “नहीं बाबा, शादी में पहनने

कहाँ गये वो रिश्ते

हमारे घर से बाज़ार की दूरी कुल सौ मीटर होगी। मां शाम को सब्जी लेने जाती, तो मुहल्ले की चार महिलाएं साथ होतीं। घर में कभी किसी की जरा तबीयत खराब होती, तो दूर-दूर

सुखी रहने का मंत्र

वर्तमान को जिएं पहले क्या हुआ, कैसे हुआ, क्यों हुआ, क्या गलती हुई … आदि पर बहुत अधिक न सोचें. इससे निगेटिव विचार उत्पन्न होतें हैं. निगेटिव उर्जा उत्पन्न होती है. यह शारीरिक व

विश्वकर्मा पूजा

जब छोटा था तब गावं के लोहार के काम को बड़े ध्यान से देखता था । सोचता था कि ये ऐसा कमाल कैसे कर लेता है । बढ़ई मेरे को गुल्ली डंडा बना कर

खुश कैसे रहें

खुशी :  खुशी एक अनुभूति है. यह लंबे समय तक हो सकती है. जैसे कि – जब से वह जीत कर आया है, बहुत खुश है. यह क्षणिक भी हो सकती है. जैसे कि -चुटकुला

वो मेला होता था जिंदगी का

हमारे नाना कहते थे कि गंगा स्नान करने से सब पाप धुल जाते थे । बात पुरानी है । 1970-80 । गौरीगंज से माणिकपुर पॅसेंजर ट्रेन से नाना नानी गंगा स्नान करने जाते थे

माते से मिलन

बात 20 अगस्त 15 की है । मैं बेटा बेटी और पत्नी दिल्ली 12 बजे पंहुचे । वहां से अगली यात्रा रात 10 बजे की थी । 10 घंटे का समय था अपने पास

तू बहन हमारी है, सबसे प्यारी है

दुनिया की मेरी सारी बहनो के लिए –   धागा तू बांध पाए या नहीं मन का धागा बंधा हुआ है तेरे प्यार दुलार में बहना एक एक मोती गुथा हुआ है तू खुश
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