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Parenting

पैरेंटिंग (Parenting) अपने बच्चे को बहुत जादा प्रोटेक्टिव मोड में मत पालिए. उसे स्कूल स्वतः जाने दीजिए. दुकान से सामान लाने दीजिए. बिजली पानी के बिल भरने की लाइन में लगने दीजिए. सरकारी कार्यालयों

राम सीता काल्पनिक नही सच्चे हैं

यह रिसर्च समाचार पढ़िए – एम. अमृतलिंगम व पी. सुधाकर CPR Environment Education Centre में कार्यरत बॉटनी साइंटिस्ट हैं । उन्होंने रिसर्च किया । वाल्मीकि रामायण में लिखे पेड़ पौधों वनस्पति पर अध्यन किया

पैरेंट्स व अभिभावकों के लिए

खासकर माता पिता पैरेंट्स व अभिभावकों के लिए – जिसके पास skills होंगे, केवल वही survive करेंगे । knowledge या ज्ञान अपनी जगह ठीक है, पर स्किल्स को जादा महत्व दिया जाए । बच्चों को

मूछों वाले मामा जी

मेरे मूछों वाले मामा जी तब मैं छोटा था । दूसरी तीसरी में पढ़ता था । समझने लगा था । तब की यादें आज भी जिंदा हैं । तब आप की उम्र 20 के

लेखकों के लिए टिप्स

लेखकों के लिए टिप्स ट्रेंड देखिए और समझिए । ट्विटर ने छोटे वाक्यों का ट्रेंड स्थापित किया । लोगों को छोटे वाक्य पसंद आते हैं । अपनी बात को लिखते वक्त कॉमा, फुल स्टॉप,

इंसान के अंदर इंसान

बैठे बैठे सोचा कि फेसबुक फ्रेंड बहन शालिनी जी का इंटरव्यू ले लूं । उनको पढ़ता आया हूँ । मस्त, बेफिक्र, बेबाक, निडर – यही इमेज थी उनकी मेरे दिमाग में । इंटरव्यू के

लेखन में दिल कैसे जीता जाता है ?

लेखन में दिल कैसे जीता जाता है ? यह बहुत सरल कला है । कुछ बातों का ध्यान रखिए और बात बन जाएगी । 1. पाठक वर्ग – किसके लिए लिख रहे हैं, उसे

बेचारा आदमी

बेचारा आदमी गौरीगंज, अमेठी के गांव से मुंबई में आकर आदमी काम करने लगा । शादी हो गई । बच्चे हो गए । स्थिरता के लिए उसने फ्लैट ले लिया । एक दूकान ले

संग तुम्हारा लगा प्यारा

अनुज शाही, मेरा BITSian साथी है, एक बैच, एक हॉस्टल, एक बोली, एक साथ, लगातार चार साल । आज वो नॉएडा से मुंबई आया तो साल भर बाद मुलाकात हुई । बहुत बातें हुई

लिफ्ट में क्या हुआ

बात बहुत पर्सनल है, पर दोस्तों में क्या पर्सनल, सो बताए देते हैं 😊 मैं अपने स्कूल के दोस्त Anil से मिलने बड़ोदा गया । दोस्त गोरखपुर में रहते हैं । बड़ोदा आए थे
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