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माते से मिलन

बात 20 अगस्त 15 की है । मैं बेटा बेटी और पत्नी दिल्ली 12 बजे पंहुचे । वहां से अगली यात्रा रात 10 बजे की थी । 10 घंटे का समय था अपने पास

तू बहन हमारी है, सबसे प्यारी है

दुनिया की मेरी सारी बहनो के लिए –   धागा तू बांध पाए या नहीं मन का धागा बंधा हुआ है तेरे प्यार दुलार में बहना एक एक मोती गुथा हुआ है तू खुश

अगर मैं कवी होता

अगर मैं कवी होता तो कविता लिखता नदी पे लिखता हवा पे लिखता बच्चों पे लिखता युवा पे लिखता धरती का, दुलार लिखता आसमां का, प्यार लिखता लिखता उसकी, आंखे गीली लिखता खेत की,

हाँ देखा है मैंने

हाँ देखा है मैंने……. देहरादून के रास्ते जाते हुए उगते सुनहरे सूरज का गोला जो पेड़ों के बीच से झाँकता था मेरी ओर फिर देखा … सर पर नीला धुला आसमान ज़मीन पर बिछी

लेखक कैसे कमाएं

  यदि आप लेखक हैं या कवि हैं और शुभ लाभ कमाने की कामना है तो नीचे लिखी बातों पर ध्यान दें : 1. सरल लिखें, बहुत सरल लिखें, हर कोई पढ़ व समझ

यह भी प्यार है

दो दिन पहले की बात है । सुबह का समय था । पत्नी जी ने फरमाइश की । मीठी वाली ब्रेड खानी है, चाय के साथ । हम बोले अभी बच्चे उठे गें तो

यादें – मेरे जमशेद  की 

बात 1978 की है । जुलाई की । सातवीं सिटी मोंटेसरी लखनऊ से पास कर के bvm नैनीताल में आठवीं में गए थे । नई जगह थी । नई व्यवस्था थी । नया सिस्टम

अच्छे दिन आयेंगे

दुःख का समय छट जाएगा गम का समय कट जाएगा सूरज पूरब सेआएंगे आशा की लाली लाएंगे बारिश की बूंदे आएंगी खेती अपनी लहलाहेगी गीत खुशी के गाएंगे अच्छे दिन आयेंगे   आशावाद  

जीवन ज्ञान

एक देश है । ग्रीस । बहुत बड़ा । बहुत अमीर । सुना है कि कहता है कि bankrupt हो गया है । समाचार है कई दिनों बाद आज वहां बैंक खुलें गी ।

पहली बार

जब मैंने उसे पहली बार बहुत धीमे से छुआ था दिल तेजी से धड़का था और कुछ कुछ हुआ था चुप रहे, किसी को ना बताया तब कैसे क्या हुआ था जमाना, जाने कैसे
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