कविता Archive

काश मैं कवी होता

काश मैं कवी होता कविता सुंदर सी लिखता नववर्ष की शुभकामनाएं देता तुम से दिल में घुस कर मिलता काश मैं कवी होता सब प्यार तुम्हारा ले लेता तारे चुन कर लाता मैं तुमको

प्रेम !

प्रेम ! तुम्हे विस्तृत आकाश और धरा के मध्य वरण किया है मेरे हृदय ने प्रेम ! उषा काल में पवित्र सूर्य किरणों के नर्म स्पर्श में अनुभूत किया है मेरी देह ने प्रेम
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