Success Archive

मैंने तीन बातें सीखी

कल मैं ऑफिस के लिए chair खरीदने गया. दूकान बड़ी थी, नाम था फर्नीचर-सेंटर. कुर्सी देखी. चुनी. मोल भाव होने लगा. वो 5000, मैं 3000 😀 – नही, नही 3 नही हो पाएगा, हम जानते

Don’t be Overqualified 

ग्रेजुएशन किया था, कुछ काम नही मिला, मास्टर्स कर लिया, तबो काम नही मिला, पीएचडी कर लिया, अबो काम नही मिल रहा, एम्प्लायर कह रहे हैं कि over qualified हो गए हो 😀😕😀 सबक :

हम अपने ही मायाजाल में फंस गए

हम अपने ही मायाजाल में फंस गए 😕 बात 1988 की है. बिरजू (मेरे स्कूल व कॉलेज वाले दोस्त Brijesh Singh) ने कहा – अरुण, मुंबई आ जाओ. कोई रास्ता निकल आएगा. पिताजी से

कैरियर की बातें

कैरियर की बातें – – सर, मैं राजस्थान से बोल रहा हूँ, मैं आपको FB पर पढ़ता हूँ, मेरी बेटी भी पढ़ती है, कहती है कि उसने आपके पढ़ाई के टिप्स व memory tips

ज्ञान, हुनर, जिगर, संघर्ष सिखाइए

अगर केवल पढ़ाई से सफलता मिलती, तो आज का युवा असफल नही होता. मैं फिर से लिख रहा हूँ – अगर केवल पढ़ाई से सफलता मिलती, तो आज का युवा असफल नही होता. क्योंकि

अपनी पसंद का काम करें

युवाओं के लिए युवाओं को अपने मन का काम ढूंढ़ना व करना चाहिए. जब वो दसवीं पास करते हैं तब उनकी उमर 15 साल की होती है. अपना भविष्य सोचने व decide करने के

Parenting

पैरेंटिंग (Parenting) अपने बच्चे को बहुत जादा प्रोटेक्टिव मोड में मत पालिए. उसे स्कूल स्वतः जाने दीजिए. दुकान से सामान लाने दीजिए. बिजली पानी के बिल भरने की लाइन में लगने दीजिए. सरकारी कार्यालयों

पैरेंट्स व अभिभावकों के लिए

खासकर माता पिता पैरेंट्स व अभिभावकों के लिए – जिसके पास skills होंगे, केवल वही survive करेंगे । knowledge या ज्ञान अपनी जगह ठीक है, पर स्किल्स को जादा महत्व दिया जाए । बच्चों को

लेखन में दिल कैसे जीता जाता है ?

लेखन में दिल कैसे जीता जाता है ? यह बहुत सरल कला है । कुछ बातों का ध्यान रखिए और बात बन जाएगी । 1. पाठक वर्ग – किसके लिए लिख रहे हैं, उसे

जीवन कैसे सफल होगा

जीवन कैसे सफल होगा सेवा – प्रभु की सेवा, बड़ों की सेवा, इंसान की सेवा, प्रकृति की सेवा प्रेम – माता पिता से प्रेम, घर परिवार से प्रेम, रिश्ते नातें से प्रेम, समाज से
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