शीलम बहुत ही संस्कारी लडकी थी और माता पिता के दिये संस्कारों के साथ वह क्लास वन से ग्रेजुएशन तक की पढाई करती रही और बीएड करके वह अध्यापक भी हो गयी। इक्कीसवीं सदी