अगर मैं कवी होता तो कविता लिखता नदी पे लिखता हवा पे लिखता बच्चों पे लिखता युवा पे लिखता धरती का, दुलार लिखता आसमां का, प्यार लिखता लिखता उसकी, आंखे गीली लिखता खेत की,