Memoirs Archive

Atal Darshan

कल अटल जी के लखनऊ से द्विवेदी जी का फोन आया और नम दिल से उन्होंने बताया कि वर्षों पहले, कैसे उन्होंने बतौर सामान्य कार्यकर्ता, मवैया के कार्यक्रम में दरियां बिछाईं व अटल जी

गाँव की प्यारी बातें

गाँव की प्यारी बातें मैं आँख बंद किए खटिया पर लेटा था. सुबह के 8 बजे थे. छोटे भाई की पत्नी पूजा, धीमे धीमे किसी छोटे बच्चे से बात कर रही थी – भैया

50 ग्राम आइस क्रीम की अच्छी रातें

…. मैं सुबह साढ़े 5 बजे निकल जाता था. साईकल थी मेरे पास. सेकंड हैंड खरीदी थी अपने दोस्त के दोस्त से. साईकल से स्टेशन पहुंचता था. सब फिक्स था. मिनट मिनट फिक्स था.
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