Relationship Archive

वे आपस में एक दूसरे के पूरक थे

Complementary Relationship पहले को खाने के लिए कमाना आता था, दूसरे को खाना बनाना आता था. पहले में कुछ गुण थे, दूसरे में दूसरे कुछ गुण थे, वे गुण आपस में एक दूसरे के

इस बैग की एक कहानी है

इस बैग की एक कहानी है कहानी जून 2018 की है. कहानी ताजी है. लड़के के मम्मी पापा व लड़की की मम्मी पापा का बातचीत के लिए मिलना तय हुआ, 22 जून को. लड़के

50 ग्राम आइस क्रीम की अच्छी रातें

…. मैं सुबह साढ़े 5 बजे निकल जाता था. साईकल थी मेरे पास. सेकंड हैंड खरीदी थी अपने दोस्त के दोस्त से. साईकल से स्टेशन पहुंचता था. सब फिक्स था. मिनट मिनट फिक्स था.

मूछों वाले मामा जी

मेरे मूछों वाले मामा जी तब मैं छोटा था । दूसरी तीसरी में पढ़ता था । समझने लगा था । तब की यादें आज भी जिंदा हैं । तब आप की उम्र 20 के

बेचारा आदमी

बेचारा आदमी गौरीगंज, अमेठी के गांव से मुंबई में आकर आदमी काम करने लगा । शादी हो गई । बच्चे हो गए । स्थिरता के लिए उसने फ्लैट ले लिया । एक दूकान ले

मुलाकात

बात 1993 की है । मैं सेंट ज़ेवियर टेक्निकल इंस्टिट्यूट माहिम में प्रोफेसर था । शादी के बाद सुल्तानपुर से मुंबई आए पत्नी रेणु को दो चार माह हुए थे । रेणु ने बताया

पति को कैसे सुधारें

प्रश्न बहुत कठिन है. कौन किसे सुधारे, यही तय करना कठिन होगा. फिर भी अगर लगे कि पति को सुधारना है तो नीचे लिखे टिप्स आजमाए जा सकते हैं.   १. अगर पति दूसरी

ये मेरे हो गए

2016 के दिसंबर माह में कोलकाता से अपनी पत्नी के साथ लौटते वक्त ट्रेन में एक प्यारे से जोड़े की खूबसूरत जोड़ीदार से मैंने यूं ही पूछ लिया – ‘आप को इतना सीधा सादा

हर साड़ी की एक कहानी होती है

हर साड़ी की एक कहानी होती है । पत्नी जी आज साड़ियां देख रही हैं । पत्नियां 500-1000 साड़ियों में रख देती हैं, और भूल जाती हैं । भूल जाना उनकी जमा योजना का

समाज प्रेम को स्वीकार करे

खबरें समाज, परिवार व रिश्तों पर चिंतन करने को मजबूर करतीं हैं। खबरें परिवर्तन करने को चीखती चिल्लाती है। खबरें कहतीं हैं कि अब हठ त्याग दो और समय के अनुसार कुछ तो परिवर्तन
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