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कुंभ की यादें

चार मई २०१६ की रात मैं, पत्नी व बेटी मुंबई से भोपाल के लिए अमृतसर एक्सप्रेस में सवार हो गए. उधर मामा मामी जी ने अमेठी से ट्रेन पकड़ी. माँ, पिताजी व मौसी जी

प्यार सभी को

जब हम छोटे थे, जब अमेठी के गांव में थे, गांव के युवा लोग होली के दिन, दोपहर बाद, एक गांव से दूसरे गांव जाते थे, होली मिलने । बड़ो के चरण स्पर्श करते

माँ, तब तू बहुत सुंदर लगती थी

मैं तब छोटा था. गर्मी की छुट्टी में मों, पिताजी मेरे को लेकर लखनऊ से रात की पैसेंजर गाड़ी से अमेठी गावं जाते थे. रात तीन बजे गाड़ी पहुँच जाती थी. सुबह सुबह भोर

समाज प्रेम को स्वीकार करे

खबरें समाज, परिवार व रिश्तों पर चिंतन करने को मजबूर करतीं हैं। खबरें परिवर्तन करने को चीखती चिल्लाती है। खबरें कहतीं हैं कि अब हठ त्याग दो और समय के अनुसार कुछ तो परिवर्तन

वो मेला होता था जिंदगी का

हमारे नाना कहते थे कि गंगा स्नान करने से सब पाप धुल जाते थे । बात पुरानी है । 1970-80 । गौरीगंज से माणिकपुर पॅसेंजर ट्रेन से नाना नानी गंगा स्नान करने जाते थे

तू बहन हमारी है, सबसे प्यारी है

दुनिया की मेरी सारी बहनो के लिए –   धागा तू बांध पाए या नहीं मन का धागा बंधा हुआ है तेरे प्यार दुलार में बहना एक एक मोती गुथा हुआ है तू खुश

माता पिता का आदर करें

सामाजिक बात अधिकतर घरेलू विवाद सम्मान को लेकर होते हैं । खासकर माता पिता का सम्मान । पति और पत्नी दोनों एक दूसरे के माता पिता को सम्मान दें । सम्मान न दे पाने

सुखी रहने का मंत्र

सुखी रहने का मंत्र (खासकर 50+ के लिए) घर का किराया न हो और सिर पर कोई लोन हो तो आप सबसे सुखी हैं ।। संदेश : अपना घर बनाइए, भले ही 6 x

SORRY

SORRY एक लड़का था । 8वीं में । मेरे साथ । मेरे हॉस्टल बर्मिगटन हाल में । हम सब उसे बरेली कहते थे । असली नाम अब मैं भूल गया हूं । वो बात

रघु के बाबा शहर में नौकरी करते हैं

रघु के बाबा शहर में नौकरी करते हैं. हर मैंने पैसा भेजते हैं. गावं में घर चल रहा है. बाबा को देखा तो पाता चला कि चौकीदारी करते हैं. दिन की शिफ्ट एक सोसाइटी
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