Relationship Archive

स्नेहा के पापा ने समझाया

स्नेहा के पापा ने समझाया कि If you judge people, no-one is yours. If you understand people, everyone is yours. अगर आप लोगों को जज करेंगे, तो आप किसी को अपना नही बना पाएँगे,

Emotions for Success

Success Mantra मैं अक्सर कहता रहता हूँ कि आशावादी बनो. एक बार मेरे मित्र Rakesh जी ने पूछ लिया कि आशावादी कैसे बनें. उनके प्रश्न पर मैंने reaserch किया, psychology पढ़ी. जो मैंने समझा वो आपसे

वे आपस में एक दूसरे के पूरक थे

Complementary Relationship पहले को खाने के लिए कमाना आता था, दूसरे को खाना बनाना आता था. पहले में कुछ गुण थे, दूसरे में दूसरे कुछ गुण थे, वे गुण आपस में एक दूसरे के

इस बैग की एक कहानी है

इस बैग की एक कहानी है कहानी जून 2018 की है. कहानी ताजी है. लड़के के मम्मी पापा व लड़की की मम्मी पापा का बातचीत के लिए मिलना तय हुआ, 22 जून को. लड़के

यही प्यार मुझे पसंद है

मुंबई से अमेठी पहुंचे । गांव से छोटा भाई आया । प्लेटफॉर्म पर आते ही भाई ने कोई सामान लटकाया, तो कोई सिर पर रख लिया । – अरे, ये क्या, तुम तो सारा

50 ग्राम आइस क्रीम की अच्छी रातें

…. मैं सुबह साढ़े 5 बजे निकल जाता था. साईकल थी मेरे पास. सेकंड हैंड खरीदी थी अपने दोस्त के दोस्त से. साईकल से स्टेशन पहुंचता था. सब फिक्स था. मिनट मिनट फिक्स था.

माँ बाप की सहमति से ही करना

एसियन पेंट्स का ad देख रहा था. बिना पिता की सहमति के, लड़की प्रेम विवाह करके चली गई. तीन साल बाद पिता का गुस्सा कम हुआ तो पिता व माँ मिलने गए. पिता अभी

मूछों वाले मामा जी

मेरे मूछों वाले मामा जी तब मैं छोटा था । दूसरी तीसरी में पढ़ता था । समझने लगा था । तब की यादें आज भी जिंदा हैं । तब आप की उम्र 20 के

बेचारा आदमी

बेचारा आदमी गौरीगंज, अमेठी के गांव से मुंबई में आकर आदमी काम करने लगा । शादी हो गई । बच्चे हो गए । स्थिरता के लिए उसने फ्लैट ले लिया । एक दूकान ले

संग तुम्हारा लगा प्यारा

अनुज शाही, मेरा BITSian साथी है, एक बैच, एक हॉस्टल, एक बोली, एक साथ, लगातार चार साल । आज वो नॉएडा से मुंबई आया तो साल भर बाद मुलाकात हुई । बहुत बातें हुई