Relationship Archive

सुखी रहने का मंत्र

वर्तमान को जिएं पहले क्या हुआ, कैसे हुआ, क्यों हुआ, क्या गलती हुई … आदि पर बहुत अधिक न सोचें. इससे निगेटिव विचार उत्पन्न होतें हैं. निगेटिव उर्जा उत्पन्न होती है. यह शारीरिक व

माते से मिलन

बात 20 अगस्त 15 की है । मैं बेटा बेटी और पत्नी दिल्ली 12 बजे पंहुचे । वहां से अगली यात्रा रात 10 बजे की थी । 10 घंटे का समय था अपने पास

तू बहन हमारी है, सबसे प्यारी है

दुनिया की मेरी सारी बहनो के लिए –   धागा तू बांध पाए या नहीं मन का धागा बंधा हुआ है तेरे प्यार दुलार में बहना एक एक मोती गुथा हुआ है तू खुश

यह भी प्यार है

दो दिन पहले की बात है । सुबह का समय था । पत्नी जी ने फरमाइश की । मीठी वाली ब्रेड खानी है, चाय के साथ । हम बोले अभी बच्चे उठे गें तो

यादें – मेरे जमशेद  की 

बात 1978 की है । जुलाई की । सातवीं सिटी मोंटेसरी लखनऊ से पास कर के bvm नैनीताल में आठवीं में गए थे । नई जगह थी । नई व्यवस्था थी । नया सिस्टम

पहली बार

जब मैंने उसे पहली बार बहुत धीमे से छुआ था दिल तेजी से धड़का था और कुछ कुछ हुआ था चुप रहे, किसी को ना बताया तब कैसे क्या हुआ था जमाना, जाने कैसे

दोस्त

दोस्त वह होता है जो आप के लिए ऐसा कुछ करे कि आप जिंदगी भर याद रखें । Brijesh Singh मेरा वैसा ही दोस्त है । मेरे साथ स्कूल में था । मेरे साथ कॉलेज में

मेरे फूफा

मेरी तीन बुआ । तीनों  प्यारी । बहुत प्यारी । और तीन फूफा । एक से बढ़ कर एक । (1) सरदार जोगिंदर सिंह ….खूबियाँ इतनी कि उँगलियों पर गिननी मुश्किल … खुदा ने रंगत बख्शी

मेरी बुआ

(1) जब मैंने लिखना सीखा ‘क ‘ माँ ने सिखाया ‘क’ से कमला …कमला मतलब मेरी बुआ । तीन बुआ में सबसे बड़ी । है भी बड़ी, बड़े दिल वाली, बेहद मीठी, शूगर कैण्डी।

माँ आसूं भर रह जाएगी

माँ, तुझे छोड़ मैं शहर चला जाता हूँ, बार बार, न जाने तू कैसे रहती होगी, बाबूजी हैं, भाई है, पर मैं तो नहीं । माँ, तेरी याद में – कल फिर वही कहानी