यादें Archive

SORRY

SORRY एक लड़का था । 8वीं में । मेरे साथ । मेरे हॉस्टल बर्मिगटन हाल में । हम सब उसे बरेली कहते थे । असली नाम अब मैं भूल गया हूं । वो बात

वो बहुत भोली थी

वो बहुत भोली थी । छठी में मैं पढ़ता था. City Montessori School लखनऊ में. स्कूल अच्छा था और अपने बच्चों को स्कॉलरशिप की तैयारी करवाता था । मैंने भी स्कॉलरशिप की तैयारी की

मेरी बेटी मेरी खुशी है

जब मैं पीछे मुड़ कर देखता हूँ और खोजता हूँ खुशी कहां से आई, तो पाता हूँ कि खुशी बेटी से आई. बात पुरानी है. 16 साल पुरानी. तब हम संघर्ष कर रहे थे.

आई मिस यू, दादाजी

जिन लोगों ने कभी ब्याज(सूद) पर कर्ज लिया या दिया होगा उन्हें यह भली प्रकार पता होगा कि लेनदार को मूलधन से कहीं ज्यादा ज्यादा फ़िक्र ब्याज की होती है। आप उसका मूलधन भले

बादलों में घर

चार साल पहले बेटे का नाशिक में इंजीनियरिंग में admission कराने जा रहा था । इगतपुरी की पहाड़ी पर था । जून 2011 का आखिरी सप्ताह था । बारिश हो रही थी । मैं

भावुक होली : सामाजिक प्यार

बात 5 तारीख की है । मुंबई से भोपाल पहुंचा । सुबह के 10 बज रहे थे । प्लेटफॉर्म 5 की तरफ से बाहर निकला । बहुत सारे ऑटो वाले खड़े थे । अधिकतर

माँ को सबसे जादा प्यार करें

माँ, तुझे प्रणाम !! जब मैं अपनी माँ को फोन करता हूँ तो न Hello कहता हूँ न Hi, न गुड मोर्निंग, न नमस्ते, बस केवल माँ कहता हूँ, और उसी में सब हो