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Engineering – Which Branch ?

इंजीनियरिंग करने की चाह रखने वाले अधिकतर विद्यार्थी यह नही decide कर पाते कि उन्हें कौन सी ब्रांच या स्ट्रीम करनी चाहिए । मसलन वो मैकेनिकल करें या सिविल या इलेक्ट्रिकल या कंप्यूटर या

मेरा बेटा क्या पढ़े

– सर, ऐसा विषय बताइए, जिसके पढ़ने से मेरा बेटा अफसर बने, अच्छी नौकरी मिले पैरेंट्स व बच्चे, आज भी इसी मानसिकता से घिरे हैं । जबकि स्थितियां परिस्थितियां बदल चुकी हैं । नौकरियां

हमारा युवा सही नेतृत्व चाहता है

मोदी जी की जीत पर, अभी अभी 12वीं पास किए, फर्स्ट टाइम वोटर, युवा के भाव पढ़िए । युवा का नाम यश है । यश ने अपनी बात अंग्रेजी में लिखी जिसको मैं हिंदी

Don’t be Overqualified

ग्रेजुएशन किया था, कुछ काम नही मिला, मास्टर्स कर लिया, तबो काम नही मिला, पीएचडी कर लिया, अबो काम नही मिल रहा, एम्प्लायर कह रहे हैं कि over qualified हो गए हो ??? सबक :

अच्छे मार्क्स नहीं आए तो क्या करें

जिसके अच्छे मार्क्स आए हैं, पर कट ऑफ से कम रह गए हैं, वह उसकी मेहनत से आए हैं, अव्वल होने से आए हैं, यही मेहनत यही अव्वल होना उसे आगे ले जाती है,

आज की लड़की

यह आज की लड़की है. शाम के चार बजे थे. एक लड़की अपने पापा मम्मी के साथ कॉउंसलिंग के लिए मेरे ऑफिस आई. सामने बैठी और पूछी – सर, मैंने 12वीं का exam लिखा

Love you dear

इसी को प्यार कहते हैं । कानपुर से एक लड़के का फोन आया । अपनी माँ के स्वास्थ के बारे कुछ सलाह ली । बात करते करते भावुक हो गया और बोला – ‘अंकल

आज़ादी की लड़ाई में खुल कर कूद गए

वयोवृद्ध सम्मानीय शुक्ला जी बता रहे थे – अंग्रेजों ने चंद्रशेखर आज़ाद जी पर ईनाम घोषित कर दिया था । हमारे गाँव से वे जा रहे थे । गाँव की काकी पहचान गई ।

मेरे पापा के जाने के बाद

मेरे पापा के जाने के बाद तीन साल ऐसे ही डिप्रेशन में रही मैं, बैराग जैसा पूरी तरह आ गया था मन में ।लगता था सब व्यर्थ है ।क्या करना है, सब बेकार ।और

और वो चला गया

जिस की कहानी लिख रहे हों वो अगर सामने बैठा हो, और कहानी स्वयं सुना रहा हो, और उसकी आवाज कांप रही हो, और आंखें नम हों, तो यकीन मानिए, कलम कांपती है, बार